RTI ACTIVISTS FORUM M.P.

RTI ACTIVISTS FORUM M.P.

सोमवार, 23 फ़रवरी 2026

आइसना पत्रकार संगठन के 9वें सम्मान समारोह 2026 में वृद्धाश्रम एवं समाज सेवियों का सम्मान

 


आइसना पत्रकार संगठन के 9वें सम्मान समारोह 2026 में वृद्धाश्रम एवं समाज सेवियों का सम्मान

सभी जिले एवं तहसीलों में ब्यूरो संवाददाताओं की आवश्यकता है हमसे  (https://timesofcrime.com/ ) जुड़ने के लिए संपर्क करें : 9893221036

वरिष्ठ पत्रकार नीलेश जाट, सौरभ राठौर, पंचम कुशवाहा का हुआ सम्मान

नरसिंहपुर। देश के सबसे संघर्षशील एवं 44 वर्षों से पत्रकारों के हितों में सेवा संघर्ष करने वाले ऑल इंडिया स्माल न्यूज पेपर एसोसिएशन (आइसना ) राष्ट्रीय स्तरीय पत्रकार संगठन के द्वारा विगत नो वर्षों से पत्रकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन सतत रूप से किया जा रहा है जिसमे वरिष्ठ पत्रकारों और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालों का सम्मान किया गया ।


आइसना पत्रकार संगठन के 9वें सम्मान समारोह 2026 में वृद्धाश्रम एवं समाज सेवियों का सम्मान

22 फरवरी 2026 में मां नर्मदा के तट सीढी घाट पर आयोजित इस कार्यक्रम में भोपाल एवं जबलपुर से पधारे वरिष्ठ पत्रकारों एवं आईसना संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष विनय जी. डेविड, प्रदेश महासचिव पंडित विनोद मिश्रा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अमर नौरिया, प्रदेश संगठन महामंत्री प्रशांत वैश्य, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रहलाद कौरव, प्रांतीय उप सचिव कुणाल सिंह कार्यक्रम के जिला संयोजक केशव स्थापक कार्यक्रम प्रभारी और जिला अध्यक्ष राजेश लोधी संगठन को लेकर और पत्रकारिता क्षेत्र को लेकर अपने-अपने विचार रखें उन्होंने कहा कि आज पत्रकारिता बहुत कठिन दौर से गुजर रही है धरातल की पत्रकारिता वही है जो हर छोटे बड़े मुद्दे जनता से जुड़े मुद्दे उठाएं घोटालों को जनता के सामने लाना, अपनी कलम से उसे उजागर करना यही असली पत्रकारिता है पर आज ऐसे पत्रकारों को सबसे ज्यादा संघर्ष करना पड़ रहा है जो घोटालों की परत खोल रहे है।


आइसना पत्रकार संगठन के 9वें सम्मान समारोह 2026 में वृद्धाश्रम एवं समाज सेवियों का सम्मान


इस सफल कार्यक्रम के लिए सभी ने संगठन के सदस्यों की एकता एकजुटता की भी प्रशंसा की और कहा कि आइसना संगठन लगातार पत्रकारों के हितों में कार्य कर रहा है, संगठन के सदस्यों की एकजुटता से ऐसे आयोजन सतत रूप से होना संभव हुआ है.


आइसना पत्रकार संगठन के 9वें सम्मान समारोह 2026 में वृद्धाश्रम एवं समाज सेवियों का सम्मान

इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार नीलेश जाट ,सौरव राठौर और गाडरवारा के वरिष्ठ पत्रकार पंचम कुशवाहा जी का नगद राशि और स्मृति चिन्ह भेट कर सम्मान किया गया ।

वहीं गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने के लिए करने के लिए संघर्ष करने वाले अनुराग भार्गव जी का भी सम्मान किया इस मौकों पर सिख समाज से भी कुछ वरिष्ठ शामिल हुए जिसमें जनरल सिंह और लखवीर सिंह द्वारा भी अपने विचार रखे ।


आइसना पत्रकार संगठन के 9वें सम्मान समारोह 2026 में वृद्धाश्रम एवं समाज सेवियों का सम्मान

श्री बुद्ध प्रकाश विश्वकर्मा जी को नशे के खिलाफ आवाज उठाने के लिए और सुरेश ठाकुर को समाज सेवा के लिए सम्मानित किया गया वही संगठन के सहयोग के लिए बरमान के युवा पत्रकार सुभाष और वरिष्ठ पत्रकार चंद्रशेखर मालवीय जी को सम्मानित किया गया ।


आइसना पत्रकार संगठन के 9वें सम्मान समारोह 2026 में वृद्धाश्रम एवं समाज सेवियों का सम्मान

इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष विनय जी. डेविड द्वारा सभी पत्रकार बंधुओ को प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया गया, जिसमें संपादक गौरव रैकवार, धर्मपाल रजक, शिल्पी जैन , सचिन जोशी, सुश्री मालती गुर्जर, अरुण शर्मा, दीपक अग्रवाल, रंजीत तोमर, डाक्टर बृजेश रजक, अंकित नेमा आशीष दुबे, लीलाधर लोधी यश वर्मा, दीपक मुदगल सहित अनेक पत्रकारों को सम्मान पत्र प्रदत्त किए गए ।


आइसना पत्रकार संगठन के 9वें सम्मान समारोह 2026 में वृद्धाश्रम एवं समाज सेवियों का सम्मान

कार्यक्रम वरिष्ठ पत्रकार प्रदेश सह सचिव मंजीत सिंह छाबड़ा जी द्वारा आयोजित किया गया कार्यक्रम में सभी वरिष्ठ पत्रकारों के साथ समाज सेबी भी उपस्थित रहे, साथ ही उनका सम्मान-साल श्रीफल व सम्मान पत्र देकर किया गया।


आइसना पत्रकार संगठन के 9वें सम्मान समारोह 2026 में वृद्धाश्रम एवं समाज सेवियों का सम्मान

नर्मदा घाट में हुए इस आयोजन में जबलपुर जिले से पत्रकार पुष्पेंद्र सिंह परिहार, पत्रकार राज गुलाटी, शैलेन्द्र शेलू सहित अन्य लोग उपस्थित हुए।


आइसना पत्रकार संगठन के 9वें सम्मान समारोह 2026 में वृद्धाश्रम एवं समाज सेवियों का सम्मान


मंच संचालन मंजीत छाबड़ा और आभार कार्यक्रम के संयोजक केशव स्थापक द्वारा किया गया ।

शनिवार, 7 फ़रवरी 2026

RTI का उल्लंघन : न्यायिक और अर्ध न्यायिक निर्णयों के आलोक में सूचना के अधिकार के विधिक पहलू, अब IPC नहीं, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की मदद ले

 

 
RTI का उल्लंघन : न्यायिक और अर्ध न्यायिक निर्णयों के आलोक में सूचना के अधिकार के विधिक पहलू, अब IPC नहीं, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की मदद ले

सभी जिले एवं तहसीलों में ब्यूरो संवाददाताओं की आवश्यकता है हमसे  (https://timesofcrime.com/ ) जुड़ने के लिए संपर्क करें : 9893221036 

 RTI का उल्लंघन :

जब सूचना रोकी जाती है, तो कानून आवेदक के साथ खड़ा होता है। सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय और केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) के आवेदक-पक्षीय न्यायिक निर्देशों के आलोक में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 किसी अधिकारी की सुविधा के लिए नहीं, बल्कि नागरिक को सशक्त बनाने के लिए लागू किया गया कानून है।
इसके बावजूद आज भी लोक सूचना अधिकारी सूचना को रोकना, टालना या भ्रामक उत्तर देना अपना विशेषाधिकार समझ बैठे हैं।
परंतु न्यायपालिका का रुख इस विषय में लगातार और स्पष्ट रहा है—
जहाँ सूचना रोकी जाती है, वहाँ कानून आवेदक के साथ खड़ा होता है।

Supreme Court -

नागरिक का जानने का अधिकार सर्वोपरि है।
सर्वोच्च न्यायालय ने बार-बार यह दोहराया है कि RTI किसी विभागीय कृपा का विषय नहीं है।
🔹
State of U.P. v. Raj Narain (1975) मामले में
SC ने ऐतिहासिक रूप से कहा —
“लोकतंत्र में जनता को यह जानने का अधिकार है कि सरकार क्या कर रही है।”
यह निर्णय आज भी RTI कानून की रीढ़ माना जाता है और पूर्णतः नागरिक-पक्षीय है।
🔹
S.P. Gupta v. Union of India (1981) केस में
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि खुली शासन व्यवस्था (open government) लोकतंत्र का मूल तत्व है और
गोपनीयता अपवाद है,
नियम नहीं।
🔹
Manohar Lal Sharma v. Union of India मामले में RTI से जुड़े अवलोकन कर
SC ने कहा कि सूचना से इनकार तभी संभव है,
जब वह कानूनन अपवाद में स्पष्ट रूप से आती हो।
अन्यथा सूचना देना बाध्यकारी है।
➡️

सुप्रीम कोर्ट का सिद्धांत :

RTI में देरी या अस्वीकार।
✔
बिना उचित आधार के सूचना न देना नागरिक के मौलिक अधिकार का उल्लंघन : केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) का आवेदक को केंद्र में रख कर दिया गया निर्णय।
CIC के अधिकांश निर्णायक आदेश यह स्थापित करते हैं कि —
🔹
Bhagat Singh v. CIC & Ors. (CIC में उद्धृत, बाद में HC द्वारा अनुमोदित सिद्धांत)
“सूचना रोकने का तर्कसंगत आधार बताने का भार लोक सूचना अधिकारी/ लोक प्राधिकार पर है,
न कि सूचना माँगने वाले नागरिक पर।”
🔹
CIC के निरंतर निर्णय (2023–2025) -
“रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं” कहना तब तक स्वीकार्य नहीं,
जब तक रिकॉर्ड के नष्ट होने/अस्तित्वहीन होने का विधिवत प्रमाण न हो।
अधूरी या भ्रामक सूचना देना, सूचना न देने के समान है
🔹
CIC का स्थापित सिद्धांत
यदि मामला प्रथम व द्वितीय अपील तक पहुँचा—
• यह स्वयं में PIO की विफलता का प्रमाण है
और दंडात्मक कार्रवाई का आधार बनता है।
• CIC का झुकाव स्पष्ट रूप से आवेदक-पक्षीय है,
न कि प्रशासन-संरक्षक।
• High Court : RTI नागरिक का औज़ार है, अधिकारी की ढाल नहीं।
उच्च न्यायालयों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि RTI अधिनियम को कमजोर करने की कोई भी कोशिश अस्वीकार्य है।
🔹
Delhi High Court – J.P. Agrawal v. Union of India (2011) मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा —
देने योग्य उपलब्ध सूचना देने के लिए PIO व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी है।
यह तर्क स्वीकार्य नहीं कि “विभाग ने सूचना नहीं दी।”
यह निर्णय स्पष्ट रूप से RTI आवेदक के अधिकारों की रक्षा करता है।
🔹
Bombay High Court : मुंबई हाईकोर्ट ने माना कि
RTI अधिनियम का पालन न करना गंभीर कदाचरण
(serious misconduct) है
और नागरिक को न्याय पाने का अधिकार है।
🔹
Rajasthan High Court के निर्णयों का स्थापित रुझान -
यदि प्रथम अपीलीय अधिकारी लोक सूचना अधिकारी की गलती को ढंकने का प्रयास करता है,
तो वह भी समान रूप से दोषी माना जाएगा।

अब IPC नहीं, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की मदद ले :

आवेदक के अधिकार को आपराधिक कानून कानून के अंतर्गत संरक्षण ;
RTI उल्लंघन अब केवल जुर्माने का विषय नहीं रहा।

BNS लागू होने के बाद आवेदक का कानूनी संरक्षण और मजबूत हुआ है।
IPC 166 → BNS धारा 198 लागू होती है
लोक सेवक/लोक सूचना अधिकारी द्वारा जानबूझ कर कर्तव्य उल्लंघन कर
आवेदक को मानसिक/आर्थिक क्षति पहुँचाने पर।

IPC 166A → BNS धारा 199 लागू होती है
कानूनन आवश्यक कार्य (RTI सूचना देना) को नहीं करने पर।

IPC 175 → BNS धारा 221 लागू होगी
सूचना/दस्तावेज जानबूझ कर न देने पर।

IPC 188 → BNS धारा 223 लागू होती है प्रथम अपीलीय अधिकारी या केंद्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग
(FAA / CIC / SIC) के आदेशों की अवहेलना करने पर।

निष्कर्ष : अब तराजू एक तरफ़ा नहीं

सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट और केंद्रीय सूचना आयोग (CIC, High Court, Supreme Court) — तीनों का संयुक्त संदेश स्पष्ट है :

  1. RTI आवेदक याचक नहीं, अधिकार-धारक है।
  2. सूचना रोकना अब प्रशासनिक गलती नहीं,
  3. बल्कि संवैधानिक और आपराधिक उल्लंघन है।
* Legal Ambit का स्पष्ट मत है कि अब अपीलों में उलझाने की संस्कृति समाप्त होनी चाहिए और
जहाँ आवश्यक हो, आवेदकों को सीधी विधिक कार्यवाही करना चाहिए।
#Legal Ambit एप आरटीआई उपयोग कर्ताओं की निशुल्क कानूनी मार्गदर्शन/ सहायता करता है। आरटीआई के क्षेत्र में सक्रिय वकीलों के समूह द्वारा संचालित है यह एप। आरटीआई संबंधी मामलों में विधिक कार्यवाही के लिए आप इस ऐप से सलाह ले सकते हैं।

- भाई विनोद कुमार की पोस्ट

गुरुवार, 18 नवंबर 2021

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय सूचना का अधिकार अधिनियम 2006

  

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय सूचना का अधिकार अधिनियम 2006


*मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय सूचना का अधिकार अधिनियम 2006*

अधिसूचना संख्या 15-आर (जे), दिनांक 19-1-2006, म.प्र. राजपत्र भाग 4 (गा), दिनांक 17-2-2006 के पृष्ठ 161-166 mp694

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 28 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (सक्षम प्राधिकारी), इसके द्वारा निम्नलिखित नियम बनाते हैं: -

*1. संक्षिप्त शीर्षक और प्रारंभ।*

- (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (सूचना का अधिकार) नियम, 2006 है। (2) वे आधिकारिक राजपत्र में उनके प्रकाशन की तारीख से लागू होंगे।

*2. परिभाषाएँ।*

- (1) इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो:- (ए) "अधिनियम" का अर्थ सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (2005 की संख्या 22) है; (बी) "अपील प्राधिकरण" का अर्थ है मध्य प्रदेश के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा नामित; (सी) "अधिकृत व्यक्ति" का अर्थ है मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा नामित जन सूचना अधिकारी और सहायक जन सूचना अधिकारी; (डी) "फॉर्म" का मतलब इन नियमों से जुड़ा फॉर्म है; (ई) "धारा" का अर्थ अधिनियम का एक खंड है।
(2) इन नियमों में प्रयुक्त लेकिन परिभाषित नहीं किए गए शब्दों और अभिव्यक्तियों का वही अर्थ होगा जो उन्हें अधिनियम में दिया गया है।

*3. सूचना मांगने के लिए आवेदन।*

- अधिनियम के तहत जानकारी मांगने वाला कोई भी व्यक्ति अधिकृत व्यक्ति को फॉर्म 'ए' में आवेदन करेगा और अधिकृत व्यक्ति के पास नियम 8 के अनुसार आवेदन शुल्क जमा करेगा। प्राधिकृत व्यक्ति फॉर्म 'बी' में दिए गए अनुसार आवेदन को विधिवत स्वीकार करेगा।

*4. प्राधिकृत व्यक्ति द्वारा आवेदन का निपटान*।

- (1) यदि अनुरोधित जानकारी अधिकृत व्यक्ति के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती है, तो यह आवेदक को आवेदन पत्र को फॉर्म 'सी' में जल्द से जल्द, सामान्य रूप से पंद्रह दिनों के भीतर और किसी भी मामले में बाद में नहीं लौटाने का आदेश देगा। आवेदन की प्राप्ति की तारीख से तीस दिन, आवेदक को सूचित करना। जहां भी संभव हो, संबंधित प्राधिकारी के बारे में जिसे: आवेदन किया जाना चाहिए। ऐसे मामलों में जमा किया गया आवेदन शुल्क वापस नहीं किया जाएगा। (2) यदि अनुरोधित जानकारी अधिकृत व्यक्ति के अधिकार क्षेत्र में आती है और अधिनियम की धारा 8 और 9 में सूचीबद्ध प्रतिबंधों की एक या अधिक श्रेणियों में आती है, तो अधिकृत व्यक्ति संतुष्ट होने पर फॉर्म 'डी' में अस्वीकृति आदेश जारी करेगा। ' जितनी जल्दी हो सके, आम तौर पर पंद्रह दिनों के भीतर और किसी भी मामले में आवेदन प्राप्त होने की तारीख से तीस दिनों के बाद नहीं। ऐसे मामलों में जमा किया गया आवेदन शुल्क वापस नहीं किया जाएगा। (3) यदि अनुरोधित जानकारी अधिकृत व्यक्ति के अधिकार क्षेत्र में आती है, लेकिन अधिनियम की धारा 8 और 9 में सूचीबद्ध एक या अधिक श्रेणियों में नहीं आती है, तो अधिकृत व्यक्ति, संतुष्ट होने पर, आवेदक को फॉर्म में जानकारी की आपूर्ति करेगा। 'ई', अपने अधिकार क्षेत्र में आता है। यदि मांगी गई जानकारी आंशिक रूप से अधिकृत व्यक्ति के अधिकार क्षेत्र से बाहर है या आंशिक रूप से अधिनियम की धारा 8 और 9 में सूचीबद्ध श्रेणियों में आती है, तो अधिकृत व्यक्ति केवल वही जानकारी प्रदान करेगा जो अधिनियम के तहत अनुमत है और अपने अधिकार क्षेत्र में है और शेष भाग को कारण बताते हुए अस्वीकृत करें। (4) सूचना की आपूर्ति यथाशीघ्र, सामान्यतया पंद्रह दिनों के भीतर और किसी भी स्थिति में आवेदन प्राप्त होने की तारीख से तीस दिनों के भीतर, शेष राशि, यदि कोई हो, को अधिकृत व्यक्ति को जमा करने पर की जाएगी, जानकारी एकत्र करने से पहले। फॉर्म 'एफ' में सूचना की प्राप्ति के टोकन के रूप में आवेदक से एक उचित 'पावती' प्राप्त की जाएगी।

*5. अपील।*
- (1) कोई भी व्यक्ति:- (ए) जो फॉर्म 'ए' जमा करने के तीस दिनों के भीतर अधिकृत व्यक्ति से फॉर्म 'सी' या फॉर्म 'डी' में प्रतिक्रिया देने में विफल रहता है, या (बी) निर्धारित अवधि के भीतर प्राप्त प्रतिक्रिया से व्यथित है, अपीलीय प्राधिकारी के पास प्रपत्र 'एफ' में अपील और अपीलीय प्राधिकारी के पास नियम 8 के अनुसार अपील के लिए शुल्क जमा करता है। (2) अपील प्राप्त होने पर, अपील प्राधिकारी अपील की प्राप्ति की पावती देगा और आवेदक को सुनवाई का अवसर देने के बाद इसे प्रस्तुत करने की तारीख से तीस दिनों के भीतर निपटाने का प्रयास करेगा और इसकी एक प्रति भेजेगा संबंधित अधिकृत व्यक्ति को निर्णय। (3) यदि अपील की अनुमति दी जाती है, तो अपील प्राधिकारी द्वारा आदेशित अवधि के भीतर अधिकृत व्यक्ति द्वारा आवेदक को जानकारी प्रदान की जाएगी। यह अवधि आदेश प्राप्त होने की तिथि से तीस दिनों से अधिक नहीं होगी।

*6. लोक प्राधिकरण द्वारा सूचना का स्वत: प्रकाशन।*

- (1) लोक प्राधिकरण अधिनियम की धारा 4 की उप-धारा (1) के अनुसार प्रत्येक वर्ष उप-धारा ( 1) अधिनियम की धारा 4 के। (2) ऐसी सूचना सूचना काउंटरों, इंटरनेट के माध्यम से भी जनता को उपलब्ध करायी जा सकती है और प्राधिकृत व्यक्ति और अपीलीय प्राधिकारी के कार्यालय में विशिष्ट स्थानों पर नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जा सकती है।

*7. शुल्क लगाना।*

- (1) प्राधिकृत व्यक्ति निम्नलिखित दरों पर शुल्क वसूल करेगा, अर्थात्:- (ए) आवेदन शुल्क :

(i) निविदाओं से संबंधित जानकारी दस्तावेज़/बोली/उद्धरण/व्यवसाय संपर्क : पांच सौ रुपए प्रति आवेदन। (ii) उपरोक्त (i) के अलावा अन्य जानकारी पचास रुपये प्रति आवेदन (बी) अन्य शुल्क: क्र.सं. जानकारी का विवरण कीमत/शुल्क रुपये में 1 जहां जानकारी उपलब्ध है एक मूल्य प्रकाशन का रूप। प्रकाशन की कीमत इतनी तय। 2 मूल्य प्रकाशन के अलावा अन्य के लिए। माध्यम की लागत या प्रिंट लागत मूल्य। (2) अपीलीय प्राधिकारी प्रति अपील पचास रुपए का शुल्क वसूल करेगा।

सोमवार, 6 जुलाई 2020

दुल्हन की डोली उठने से पहले उठी अर्थी, ब्यूटी पार्लर के अंदर घुस कर, धारदार हथियार से कर डाली दुल्हन की हत्या

IMG-20200706-WA0022 copy
सनकी प्रेमी ने शादी के कूछ घंटो पहले कर दी दुल्हन की हत्या
TOC NEWS @ www.tocnews.org
ब्यूरो चीफ नागदा, जिला उज्जैन // विष्णु शर्मा 8305895567
  • सनकी प्रेमी ने शादी के कूछ घंटो पहले कर दी दुल्हन की हत्या
  • दुल्हन की डोली उठने से पहले उठी अर्थी
  • ब्यूटी पार्लर में घुसकर रेत दिया दुल्हन का गला

तीन साल पहले विवाह समारोह में हुई थी मुलाकात, युवती की शादी से नाराज होकर पागल प्रेमी ने वारदात को दिया अंजाम।

एक तरफा प्यार के चक्कर में रतलाम के एक पागल प्रेमी ने शादी के कुछ घंटो पहले दुल्हन का गला रेत कर हत्या कर दी। रविवार को ब्यूटी पार्लर में घुसकर सिरफिरे आशिक ने दुल्हन का गला रेत डाला । दुल्हन की मौके पर ही मौत हो गई । रतलाम एसपी गौरव तिवारी ने तत्काल सिरफिरे आशिक के एक साथी धर दबोचा । जिससे हत्यारे आशिक के बारे में पुलिस जानकारी निकाल पाई।
सनकी प्रेमी ने शादी के कूछ घंटो पहले कर दी दुल्हन की हत्या
सनकी प्रेमी ने शादी के कूछ घंटो पहले कर दी दुल्हन की हत्या
जावरा शहर के ब्यूटी पार्लर में मेकअप करवाने पहुंची सोनू पिता कमल सिंह यादव निवासी शाजापुर की गला रेत कर  सिरफिरे आशिक ने हत्या कर दी। जावरा पुलिस के अनुसार सोनू अपनी बहन के साथ ब्यूटी पार्लर में मेकअप करवाने  पहुंची थी। सरफिरे आशिक  ने फोन लगाकर सोनू को बाहर बुलाया। कुछ देर चर्चा के बाद सोनू वापस ब्यूटी पार्लर के अंदर चली गई। जिसके बाद युवक अंदर घुसा और उसने सोनू का गला रेत दिया ।
हत्या के बाद आरोपी आशिक मौके से फरार हो गया। रतलाम एसपी गौरव तिवारी ने कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों के अंतराल में मुख्य आरोपी के साथी पवन को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में पवन ने बताया कि वह राम उर्फ रामा के साथ बाइक पर ब्यूटी पार्लर गया था। उसके फोन से ही राम यादव ने सोनू को बाहर बुलाया था। 
ratlam_murde Crazy lover murdered bride before marriage ANI NEWS 01
सनकी प्रेमी ने शादी के पहले कर दी दुल्हन की हत्या
हत्यारे की जानकारी सामने आते ही पुलिस हरकत में आई और उसकी तलाश में पुलिस टीम राजस्थान भेजी गई है। पुलिस सुत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी रतलाम भारतीय जनता युवा मोर्चा  का मंत्री बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
जावरा पुलिस ने बताया कि सोनू मूल रूप से शाजापुर की रहने वाली है। उसकी उज्जैन जिले के नागदा तहसील में रहने वाले गौरव जैन से रविवार को एक रिसोर्ट में शादी होने वाली थी। वह अपनी बहन के साथ मेकअप करवाने के लिए ब्यूटी पार्लर आई थी। इसी दौरान उसकी राम यादव ने गला रेत कर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार आरोपी और सोनू की मुलाकात शाजापुर में एक विवाह समारोह में हुई थी। जिसके बाद से वह सोनू से एक तरफा प्यार करता था। पुलिस को शंका है कि सोनू की शादी की जानकारी मिलने के बाद ही उसने हत्या की योजना बनाई होगी।
ratlam_murde Crazy lover murdered bride before marriage ANI NEWS 03
इस दुल्हन की डोली उठने से पहले उठी अर्थी
शाजापुर निवासी सोनू की हत्या के पहले आरोपी ने अपने दोस्त पवन के मोबाइल से उसे फोन लगाया था। उस समय वह ब्यूटी पार्लर में मेकअप करवाने के लिए पहुंची थी। ब्यूटी पार्लर के बाहर कुछ देर बात करने के बाद जब सोनू अंदर गई तो राम ने अंदर घुसकर चाकू से सोनू का गला रेत दिया था। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने जब दुल्हन सोनू के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली तो आखरी कॉल पवन के मोबाइल से आना सामने आया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पवन को हिरासत में ले लिया।

मंगलवार, 23 जनवरी 2018

आइसना का सम्मेलन में हुई पत्रकारों पर बढ़ती चुनोतियो को लेकर चर्चा

Image may contain: 18 people, people smiling, people sitting and people standing

आइसना AISNA का सम्मेलन में हुई पत्रकारों पर बढ़ती चुनोतियो को लेकर चर्चा, जिला स्तरीय पत्रकार सम्मेलन
नरसिंहपुर। आॅल इंडिया स्मॉल न्यूज पेपर एसोसिएशन (आइसना) द्वारा नारोलिया भवन मे आयोजित पत्रकार सम्मेलन व सम्मान समारोह मे प्रदेश के जाने-माने पत्रकारों ने शिरकत करते हुए पत्रकारिता की चुनौतियों, विसंगतियों व समस्याओं को रेखांकित कर जिले मे विगत 15 वर्ष व इससे अधिक समय से कार्यरत मीडिया कर्मियों का सम्मान किया।
आइसना के जिलाध्यक्ष मंजीत छावड़ा के संयोजन मे आयोजित उक्त गरिमामय कार्यक्रम मे आइसना प्रदेशाध्यक्ष विनोद मिश्रा आइसना प्रदेश संरक्षक नन्दकुमार चौहान
सहित वरिष्ठ पत्रकार व संपादकों मे विनय डेबिड, शंभुनारायण शर्मा, तपेश्वर जी, दिनेश साहू, अनिल सेन, प्रशांत विश्वे आदि मौजूद रहे। इस मौके पर संगठन के प्रदेशाध्यक्ष विनोद मिश्रा ने पत्रकारिता के सभी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए वर्तमान दौर मे व्याप्त कठिनाईयों को भी उल्लेखित किया।
वरिष्ठ पत्रकार विनय डेबिड ने पत्रकारिता क्षेत्र की समस्याओं के निदान हेतु पत्रकारों की एकता पर बल दिया। अन्य अतिथियों भी अपने विचार रखते हुए उपस्थित पत्रकारों से संवाद स्थापित करते हुए उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया। द्वितीय सत्र मे जिले की प्रिंट मीडिया मे लंबे समय से अपनी सक्रिय सेवायें दे रहे पत्रकारों का सम्मान किया गया।
जिनमें नरसिंहपुर से वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र श्रीवास्तव, नीलेश जाट, दीपक श्रीवास्तव, वारिज बाजपेयी, अमर नौरिया, सलामत खान, समीर खान, मनीष साहू, गाडरवारा से प्रहलाद कौरव एवं जबलपुर से आयशा खान, जुवैद शेख, वीरेंद्र सिंह, अंकित मिश्रा आदि को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन कवि डॉ. विवेक सक्सेना एवं आभार प्रदर्शन मंजीत छावड़ा द्वारा किया गया। 
Image may contain: 7 people, people smiling, people standing and indoor
कलम के जादूगर वरिष्ठ पत्रकार बारिश बाजपेयी जी को बिगत दिवस "ऑल इंडिया स्माल न्यूज पेपर एसोसिएशन" (आइसना) के आयोजन 20 जनवरी 2018 को के द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया आपको संगठन की तरफ से हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाइयां
Image may contain: 7 people, people smiling, people standing
Image may contain: 11 people, people smiling, people standing
Image may contain: 14 people, people smiling
Image may contain: 4 people, people sitting
Image may contain: 5 people, people smiling, people standing
Image may contain: 3 people, people standing
Image may contain: 2 people
Image may contain: 8 people, people smiling, people standing and outdoor
Image may contain: 10 people, people sitting
Image may contain: 4 people, people standing and food
Image may contain: 15 people, people smiling, people sitting
Image may contain: 4 people, people standing and food
Image may contain: 5 people, people standing
Image may contain: 14 people, people smiling, people sitting and indoor
Image may contain: 3 people, people standing and stripes
Image may contain: 1 person, standing, sky and outdoor
No automatic alt text available.
Image may contain: one or more people and text
Image may contain: 4 people, people smiling, people sitting
Image may contain: 1 person, smiling, phone and indoor
Image may contain: 5 people, people sitting and indoor
Image may contain: 18 people, people smiling, indoor
Image may contain: 5 people, people smiling, people sitting
नरसिंहपुर. आॅल इंडिया स्मॉल न्यूज पेपर एसोसिएशन (आइसना )